Monday, May 17, 2010
आन्तराष्ट्रीय निगम तथा भूमंडलीकरण प्रक्रिया
आन्तराष्ट्रीय निगम तथा भूमंडलीकरण प्रक्रिया: बहुराश्त्रिये निगम तथा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश + प्रोद्योगिकी प्रवाह: विदेशी निवेश की समस्या: 1. 1955- रिओ दे जनेरो सम्मलेन जार्ज हम्फ्रे क़ा विवादस्पद भाषण, 2.अविश्वास ३.पडोसी देश सम्बन्ध ४.उचित जानकारी/परामर्श आभाव ५.विश्वास ६.कानून ७.स्वाभ ८.ऐतिहासिक मित्रता; विदेशी विनयोग क़ा लाभ: 1.आर्थिक विकास 2.तकनिकी लाभ/ बहार से तकनीशियन आते जैसे USA में इंडिया से 3.पटेंट लाभ: कर्येशील कंपनी को 4.सुचना/ यातायात लाभ; विदेशी विनियोग क़ा विरोध: 1.राष्ट्र हित देखना 2.उपनिवेश साम्राज्य न बने-जैसे east india company 3.ब्याज/ लाभांश क़ा खतरा 4.अफ्रीका विभाजन उद्धरण है 5.कर्जों से युद्ध/ झगडा-जैसे जर्मन युद्ध पोत 6.शीत युद्ध क़ा खतरा विरोध के कारण: 1.विदेशी कोम्पनी घुस/ लालच देती- अच्छे पद प्रलोभन 2.हस्तक्षेप की धमकी 3.विशेषाधिकारों हनन 4.अविश्वास 5.1930 के दशक में घोर मंदी, राष्ट्रवाद क़ा उदय: 1. अल्पविकसित देशों को खतरा, 2.सुविधाएँ खोलना- सकारात्मक आयाम; फार्म के आन्तरिक तथा फिर्मो के बिच व्यापार की समस्या: faith relation -1.विदेशी विनयोग/ साधनों की कमी: पूंजी की कमी, तकनिकी/ कानून/ श्रम/ परामर्श/ प्रबंधन/ कमी, 2.विदेशी विनयोग शर्तें: (i).कानूनों क़ा पाबंद/ इज्जत (ii).समानता/ विशेषाधिकारों-इज्जत/ पक्षपात नहीं (iii).स्थानीय लोग ही/ स्थानीय कच्छा माल/ labour law इज्जत (iv).MNCजिस देश में आये उसमे ही लाभान्वित पूंजी- ना की अपने देश (v).MNC को स्थानीय राजनीती हस्तेक्षेप नहीं (vi).लाभ पूंजी क़ा कुछ ही हिस्सा अपने देश बाकि यहीं खपाओ 3.आन्तर राष्ट्रीय उत्पादन संजाल (business नेटवर्क): विदेशों में इकाइयाँ (जाल) लगाना/बनाना, तकनिकी नेटवर्क बनाना, काछे मल क़ा नेटवर्क, क़ानूनी जानकारी, नेटवर्क के खतरों से चौकन्ना, संजाल हेतु विदेश नीतिओं क़ा ज्ञान, विकसित/विकासशील देशों जानकारी, storage ज्ञान; अन्तेर्रश्त्रिये पूंजी बाज़ार क़ा ढांचा / कार्यप्रणाली: विभिन्न मुध्हे जैसे = 1.विनमय दर 2.रिजर्व निति 3.निजी क्षेत्र की भूमिका 4.पूंजी प्रवाह 5.प्रबंधन 6.वित्त प्रणाली/ सशक्तिकरण 7.पारदर्शिता 8.मानक 9.अन्तेर्रश्त्रिये संस्थाएं (WTO, World Bank, GATT) 10.मुद्रा संकट निवारण- मुद्रा बोर्ड गठन 11.कीमत नियंत्रण 12.बैंक हस्तेक्षेप जरुरी 13.नीतिगत उपाए-ऋण सेवा, सेंट्रल बैंक, मुद्रास्फीति दर/ संतुलन 14.मौद्रिक निति- विनमय दर, ब्याज दर, मुद्रा भंडार आकर 15.भारत की निति:1993 में विकसित, मांग/पूर्ति प्रबंधन, अच्छे बाजार विकसित, फोरेक्स बाजार सर्तार्कता अछि, मार्केट लचीली 16.अन्तेराष्ट्रीय भण्डार: 1.विदेशी मुद्रा भंडार-मौद्रिक निति, मुद्रास्फीति नियंत्रण, आपातकाल प्रबंधन, खतरों से बचाव जानकारी, एशिई संकट से उदहारण, 17.पूंजी प्रवाह: 1.भारत में हम गई ऋण उत्पादक प्रवाहों और जोर न देने वाले ऋण अल्पकालीन ऋण से भण्डारण कर रहे है 2.1993- भुगतान संतुलन समिति (रंगराजन समिति) रिपोर्ट 3.रिजर्व बैंक नियमों 4.जोखिम नियंत्रण 5.तेल कीमत वृद्धि- प्रबंधन (2002 में विदेशी मुद्रा भंडार ४.९२ बिलियन $ था, जबकि 1999-2000 में 5.5 बी); अन्तेराष्ट्रीय सम्पदा (Assets) व्यापार: 1.पूंजी-अंतररा० Transfer प्रक्रिया- पूंजी हस्तांतरण 2.1918 yudh मुआवजे सम्पदा अदन प्रदान 3.विदेशी मुद्रा/ स्टॉक लाभ 4.मुद्रा के प्रकार -सोना, वास्तु, यूरो, dollor , money transfer, virtual money 5.क्षति पूर्ति भुगतान-सोने के स्थान पर वस्तुओं द्वारा चुकाना gold क़ा sanrakshan 6.मिल:सोने क़ा हस्तांतरण रोकना संभव 7.नए सिधांत: केन्स"युद्ध काल में मुद्रा चलन/ मदद/ भुगतान, ऋण" 8.सिधांत/ सत्ये- कथनी करनी में फरक 9.ओलिं के विचार- "एक से मुद्रा से सोने क़ा स्थानान्तरण रुकेगा" इंग्लैंड स्कॉट्लैंड मामला 10.क्रय शक्ति क़ा हस्तांतरण: ऋण के कारण करए शक्ति हस्तांतरण, (क)उधर लेने वाला देश धन विदेशों में लगता तो स्वर्ण हस्तांतरण से बचाव 11.अगर अपने ही देश में उधार क़ा धन लगाना- तो क्रय शक्ति से- मूल्य बढेंग, लेकिन बचाव संभव 12.ऋण क़ा हस्तांतरण- ऋण अंत में वस्तुओं / सेवाओं के रूप में एक से दुसरे देश वापस जाता, सही प्रबंधन से सोने क़ा स्थानान्तरण रुक सकता, तटपारिये बैंकिंग / विदेशी बैंकिंग: अमेरिकेन फेडेरल Reserve Act 1913-अपने उच्ता प्राप्त बैंकों को विदेशों में शाखा अनुमति दी है, "कोई भी नेशनल बैंक विदेशों में ब्रांच - लेकिन उसमे अपनी पूंजी -स्टोक क़ा १०% से अधिक विनयोग नहीं करेगा", अभी तक ४०० से अधिक शाखाएँ, उपयोगिताएं/ लाभ: 1.यूरो / dollor क़ा बढ़ता उपयोग- 2.जापान क़ा विशिष्ट विदेशी विनियम बैंक- 1954 "Bank of Tokyo" japan में २५ शाखा, विदेश में १८, agency २०, प्रधान कार्यालय USA में 3.जापान में विदेशी बैंक- 1970 में १८ विदेशी बैंक थे, बैंक law के अंतर्गत लिसेंस जरुरी, एन में ऋण चलता, न्युयोर्क, लन्दन, मुंबई, पेरिस में शाखाएं, विदेशी महत्त्व खास नहीं 4.विदेशी विनियम क़ा कार्य (Foreign Exchange Importance)- लिसेंस देना , Law Making, Exchange Rates Controler, Counselling, Liberal Actions 5.Euro मुद्रा- 1.Urope की मुद्रा, 27. सदस्य राष्ट्रों में 16. द्वारा प्रयोग, आस्ट्रिया, Belgium , Siprs, Finland, Frans, German, Grees, Ayland, Itly, Lkjembrg, Malta, Nirherland, . 174 देशों द्वारा प्रयोग , $ के अछि अरक्षित मित्र, 2009 में 790 billion से अधिक, 2. यूरो क़ा विकास - 16,Dec.95 को astitv, 1999 me E.C.U द्वारा प्रयोग , 2002 में सिक्के / not, 2009 me lisbn sandhi hence uropean mudra bani, prabandh/ prashasan: Uro Deshon ke Kendriye Bank Sangathan 'uro system' dwara hota, 1992 mastrikt sandhi- hence Uro ko apnana anivarye (bhedbhav jari hai), Uro Currency (Type)-100 Cents, 1-2, 3 Cent ke sikke, Natonal SIgn Printed, Euro hastantran: sabhi hastantran= gharelu bhugtan, credit, debit, ATM nikasi, Home rates(dar) par hastantran, Euro ka prachalan:1992 mastrikt sandhi dwara prachalit, kadi sharten, jaise GDP 3% se mam bajag ghata, 60% se kam rin. Euro Nirmata(Khojkarta): Fred Arditti, Neel Dowling, Vim Dusem Barg, Robert Mondel, Tomaso Pdoa, Shioppa, robert Tolisn.
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